बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन कानूनी पचड़े में फंस गई हैं. एक्ट्रेस के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. उन पर एक होटल के प्रोग्राम में व्यस्त सड़क पर जाम लगाने का आरोप लगाया गया है.
काजी मोहम्मदपुर थाने में कांड संख्या 475/18 के तहत मामला दर्ज हुआ है. कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई की गई है. वकील सुधीर ओझा ने केस दर्ज कराया था. दरअसल, हाल ही में रवीना टंडन एक होटल का उद्घाटन करने के लिए बिहार गई थीं लेकिन बिहार जाना उन पर भारी पड़ गया. जब वो बिहार गई थीं तो उस समय काफी जाम लग गया था, जिसके चलते उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है.
बता दें कि अपनी शिकायत में सुधीर ओझा ने आरोप लगाया कि रवीना के इस प्रोग्राम की वजह से लोग काफी देर तक ट्रैफिक जाम में फंसे रहे. उन्होंने अदालत से रवीना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का पुलिस को निर्देश देने का अनुरोध किया था.
वर्क फ्रंट की बात करें तो पिछली बार रवीना फिल्म मातृ में नजर आई थीं. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी. हाल में वे बहुत सी स्क्रिप्ट पढ़ रही हैं. उनका अपना प्रोडक्शन हाउस भी है. जल्द ही वो एक वेब सीरीज में भी नजर आएंगी. इसे उन्होंने खुद लिखा है. इंडिया टुडे से एक बातचीत में उन्होंने बताया ता कि घर में इस वक्त उनकी भूमिका मल्टी टास्िकंग वुमन की है.
राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपने 31 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी. इस सूची में बीजेपी ने 15 विधायक और 3 मंत्रियों के टिकट काटकर नए चेहरों को मैदान में उतारा है. बीजेपी ने जिन विधायकों और मंत्रियों के टिकट काटे हैं, उनमें अपने बयानों को लेकर विवादों में रहने वाले ज्ञानदेव आहूजा समेत धनसिंह रावत और राजकुमार रिणवा समेत अन्य शामिल हैं.
ज्ञानदेव का 'ज्ञान' नहीं आया काम, BJP ने काटा टिकट
बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा वही हैं, जिन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में रोज 3000 कंडोम मिलने का दावा किया था. साल 2016 में विवादित बयान देते हुए आहुजा ने कहा था कि जेएनयू में रोजाना 50 हजार हड्डी के टुकड़े, 3 हजार इस्तेमाल किए हुए कंडोम और 500 इस्तेमाल किए हुए अबॉर्शन इंजेक्शन मिलते हैं. उन्होंने जेएनयू में हर रोज 10 हजार सिगरेट के बट मिलने और छात्रों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में 'नेकेड डांस' करने का भी आरोप लगाया था.
बीजेपी को हिंदुओं की पार्टी बताने वाले मंत्री का भी टिकट कटा
राजस्थान सरकार में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्यमंत्री धनसिंह रावत का हमेशा से ही विवादों से नाता रहा है. वे अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहे हैं. हाल ही में धनसिंह रावत ने बांसवाड़ा की सभा में कांग्रेस को मुसलमानों और भाजपा को हिन्दुओं की पार्टी बताया था. इस दौरान उन्होंने हिन्दुओं से सनातन धर्म की रक्षा के लिए भाजपा के समर्थन में प्रचंड मतदान करने की अपील की थी.
इससे पहले पिछले साल नवंबर में उन्होंने बांसवाड़ा में अधिकारियों को मुर्गा बनाने का विवादित बयान दिया था. इसके अलावा उन्होंने जिला परिषद की साधारण बैठक में विकास अधिकारियों के लिए कहा था कि ये अरबी घोड़े हैं, इनको चाबुक मारो.
हाल ही में एक वीडियो सामने आया था, जिसमें रावत का बेटा सड़क में एक कार चालक को पीटते दिखा था.
राजस्थान सरकार में खाद्य मंत्री बाबूलाल वर्मा से भी बीजेपी नाराज चल रही थी. हाल ही में उन्होंने कहा था कि अब मोदी लहर नहीं हैं. लिहाजा चुनाव जीतना आसान नहीं है. वर्मा पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने का भी आरोप है.
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