प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 समिट में हिस्सा लेने के लिए अर्जेंटीना के दौरे पर हैं. गुरुवार देर रात (भारतीय समयानुसार) प्रधानमंत्री ने यहां कई अहम बैठकों में हिस्सा लिया. पीएम ने यहां सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस के साथ दो महत्वपूर्ण बैठक की. इसके अलावा प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया.
इन मुलाकातों के अलावा प्रधानमंत्री मोदी आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी अनौपचारिक मुलाकात कर सकते हैं.
मोदी यहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ सम्मेलन में त्रिपक्षीय बैठक करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13वें जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए गुरुवार को अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स पहुंचे.
रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में चीन का दबदबा बढ़ने के बीच मोदी, ट्रंप और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच बैठक अहम है. यह बैठक जी 20 शिखर सम्मेलन से इतर होगी.
यह त्रिपक्षीय बैठक ट्रंप और आबे की द्विपक्षीय बैठक का ही विस्तार होगी. त्रिपक्षीय बैठक 30 नवंबर और एक दिसंबर को जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति के बैठकों की श्रृंखला का हिस्सा है.
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्यूनस आयर्स पहुंचने के फौरन बाद ट्वीट में कहा, "जी-20 शिखर सम्मेलन में निरंतर विकास को आगे बढ़ाने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा की उम्मीद है."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 20 शिखर सम्मेलन में जन धन योजना, मुद्रा योजना, आयुष्मान भारत और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों पर भी बोलेंगे.
अगर एंटी-इनकंबेंसी एक तथ्य है तो राजस्थान इसका जीता जागता उदाहरण है. साल 1993 से किसी भी पार्टी की सरकार लगातार दूसरी बार नहीं बनी. चुनावों से पहले के सर्वे भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि राजस्थान में इस बार भी सत्ता परिवर्तन हो सकता है. सैद्धांतिक रूप से ऐसा माना जाता है कि नेतृत्व की अदला-बदली अर्थव्यवस्था और विकास में रुकावट पैदा करती है. लेकिन राजस्थान के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह सिद्धांत फेल होता नजर आएगा.
राज्य में लगातार बीजेपी-कांग्रेस के बीच सत्ता परिवर्तन के बावजूद राजस्थान विकास के विभिन्न मापदंडों पर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार में साल 2013-18 के बीच राज्य की वार्षिक वृद्धि दर 5 फीसदी रही. वहीं देश की GDP में राजस्थान का योगदान पिछले 5 वर्षों में 5 फीसदी रहा जबकि राज्य की जनसंख्या देश की कुल आबादी का 5.7 फीसदी है.
जब 7 फीसदी तक पहुंची GDP की वृद्धि दर
हाल के वर्षों में राजस्थान की महत्वपूर्ण वृद्धि पूर्व की अशोक गहलोत की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार में हुई, जब 2008-13 के बीच GDP की वृद्धि दर 7 फीसदी तक पहुंची और देश की GDP में राजस्थान का योगदान 4.4 फीसदी से 5 फीसदी तक पहुंच गया. यह वृद्धि उत्पादन के मामले में प्रदर्शन से प्रेरित थी, क्योंकि इस दौरान भारत के औद्योगिक उत्पादन में राजस्थान का हिस्सा 4.8 फीसदी से बढ़कर 5.6 फीसदी पहुंच गया. जबकि पिछले पांच साल में देश के औद्योगिक उत्पादन में राजस्थान का योगदान 5 फीसदी रहा. यह प्रदर्शन वसुंधरा सरकार के अधिक निवेश को आकर्षित करने के सफल प्रयासों के बावजूद रहा.
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